one side love STORY IN HINDI / SCHOOL TEACHER LOVE / एक तरफ़ा मोहब्बत (प्रेम /LOVE ) STORY – LOVE MOTIVATION

one side love story  / SCHOOL TEACHER LOVE /  एक तरफ़ा मोहब्बत (प्रेम /LOVE ) STORY 

यह एक ONE SIDE LOVE STORY है जिसमे आपको SCHOOL TEACHER और एक STUDENT के बीच प्यार और उसके किस्से बताए गये है
कहानी REAL LOVE STORY के आसपास की है उम्मीद है आपको यह ONE SIDE LOVE STORY बहुत पसंद आएगी

जिस दिन जम्मू कश्मीर की धारा 370  हटी उसी दिन इसकी नजर उन पर पड़ी | वो दिखने में भोलीभाली पर दिमाग से परिपूर्ण तथा शातिर और दिखने में बहुत खूबसूरत तथा सुन्दर थी | उनके गुलाबी अधरों पर हलकी मुस्कान उनकी सुन्दरता में चार चाँद लगा रही थी जिसे देख कर कोई अपनी नजरे उनके चेहरे से हटा नहीं पाता था |

अपनी कहानी का नायक भी उन्हीं सागर सी गहरी आँखों में कही खो सा गया था पूरी कक्षा हंस पड़ी तब जाकर उसको होश आया कि वह एक स्कूल में एक अध्यापक के तौर पर खड़ा है |

उसने केमिस्ट्री का एक टॉपिक ब्लैक बोर्ड पर लिखा और समझाने लग गया दरअसल वह उसका स्कूल में पहला दिन था स्कूल अपना रुतबा बनाने के किये उसने कुछ प्रश्न बच्चों से पूछे और फिर समझाकर अपना टॉपिक ख़त्म किया और ऑफिस में जाकर अगली क्लास मिलने का इंतजार करने लगा था पर उसकी आँखों के सामने एक मुस्कराता हुआ चेहरा बार-बार घूम रहा था वह खयालों में खो सा गया था पर इतने में स्कूल का प्रधानाध्यापक ऑफिस में आकर उससे पूछता सर आपने क्लास ले ली वह ख्यालों से बाहर आते हुए बोला हाँ हाँ सर मेने क्लास ले ली प्रधानाध्यापक ने उसको एक और क्लास लेने को कहा था |

वह निर्देश अनुसार बताई गयी क्लास में चला गया |इंटरवेल के समय उनके फिर से दर्शन हुए लेकिन राघव ने नजरे घुमा ली और ऑफिस में चला गया और मोबाइल स्क्रॉल करने लगा लेकिन उसका ध्यान आज मोबाइल में भी नहीं लग रहा था |

घंटी बजी और सभी विधार्थी अपनी अपनी क्लास में चले गये और राघव को भी एक क्लास लेने का निर्देश मिल गया वह फिर से क्लास में गया लेक्चर शुरू होने से पहले ही प्रधानाध्यापक उसके पीछे आये और राघव को वापस बुला लिया कहा सर आप विश्राम करो यहाँ पर मेरी क्लास है आपको अगले पीरियड् में क्लास लेनी है इतना सुनकर राघव सर वापस ऑफिस की ओर चल दिए |

(एक घंटे बाद ) प्रधानाध्यापक राघव से – सर आप उसी क्लास में एक और लेक्चर ले लो जिसमें आपने सुबह फर्स्ट लेक्चर लिया था राघव क्लास की तरफ चल दिया पर उसका दिल जोरों से धडक रहा था वह पहले वाशरूम की चला गया वाशरूम से बाहर आकर वह कुछ गुनगुनाते हुए क्लास में आ गया और पूरी क्लास में नजरे घुमाकर बोला कैसे हो बच्चा पार्टी पूरी क्लास एक साथ बोली बहुत अच्छे सर राघव सर अपने दोनों हाथों को जेब में डालते हुए तो बताओ क्या पढना है

क्लास – कुछ नहीं सर (एक लड़का नीचे मुंह करके बोला इंट्रोडक्शन सर जी ) इस पर पूरी क्लास चिल्लाने लगी यस सर इंट्रोडक्शन इंट्रोडक्शन .. |

राघव -ओके ओके पर पहले आप (हर एक विधार्थी ने अपना परिचय दिया पर राघव को तो उनका नाम सुनने की आतुरता थी अपना नंबर आने पर वह खड़ी हुई और बोली सर माय नेम इज रवीना चौधरी एंड आई एम् फ्रॉम BIKANER  इतना बोलकर वह बैठ गयी थोड़ी देर में पूरी क्लास का इंट्रोडक्शन कम्पलीट हो गया ) राघव मन ही मन में सोच रहा था नाम तो बहुत अच्छा है |

पूरी क्लास एक साथ -सर अब आप भी ,ओके बच्चों लेट्स मी ऐसा कहकर क्लास को शांत किया और बोला – माय सेल्फ राघव चौधरी एंड आई एम् फ्रॉम JAIPUR बट नाउ आई कम फ्रॉम UDAIPUR |

राघव – ओके अब पढते है बोलो क्या पढना चाहोगे ( सभी बच्चे अपनी अपनी पसंद के टॉपिक बताने लग गये ) राघव फिर से चलो QUESTION – ANSWER करते है और पहला प्रश्न पूछ लिया कभी बच्चे तो कभी राघव प्रश्न उत्तर कर रहे थे लेकिन इस बीच पूरी क्लास में सन्नाटा छा गया यह तब हुआ जब रवीना जी ने प्रश्न पूछ लिया प्रश्न कुछ ज्यादा कठिन नही था पर जैसे ही राघव सर की रवीना से आँखे चार हुई सब कुछ भूल गये पूरी क्लास की नजरे रवीना और राघव पर थी | राघव रवीना से क्या प्रश्न था आपका ?

रवीना – सर मैंने पूछा यह की सिरके का सूत्र क्या होता है ?

राघव – सिरके का सूत्र ? आप इंग्लिश में पूछो न प्लीज मैंने इंग्लिश में ही पढ़ा है |

रवीना – सर मुझे अंग्रेजी नही आती है ?

राघव – ओके मुझे नही पता सिरके को इंग्लिश में क्या कहते है ,तो सूत्र नहीं बता सकता (निराश होते हुए )

रवीना -कोई बात नहीं सर (मुस्कराते हुए ) (राघव भी मुस्कराता है )

घंटी बजती है और राघव क्लास से बाहर निकल जाता है पर उसका मन कुछ बेचेन सा होता है वह ऑफिस में जाता है और कुछ सोचने लग जाता है इतने में प्रधानाध्यापक आते है और राघव से कुछ पूछने लग जाते है कुछ देर बाते करने के बाद प्रधानाध्यापक राघव को बस स्टॉप तक छोडने आते है |आते हुए कुछ बाते होती है

प्रधानाध्यापक -सर केसा लगा स्कूल और  ENVIRENMENT OF SCHOOL ?

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राघव – बहुत अच्छा सर , आप स्टूडेंट्स से मेरा फीडबैक ले सकते हो |

प्रधानाध्यापक – तो आप कब से ज्वाइन कर रहे हो सर ?

राघव – जल्दी ही ज्वाइन कर लूँगा सर |

राघव चला जाता है पर उसका मन स्कूल में ही रह गया पुरे रस्ते भर यही सोचता रह गया कि कोई इतना खूबसूरत कैसे हो सकता है रवीना का चेहरा बार बार उसकी आँखों के सामने आ रहा था और राघव मन ही मन मुस्करा रहा था |

इतने में उसे याद आया कि उसे आज एक प्रश्न का उत्तर नहीं आया था राघव ने तुरंत अपना मोबाइल निकला और इन्टरनेट पर सिरके का सूत्र खोजने लगा जैसे ही उसे पता चला कि सिरका तो विनेगर को बोलते है जिसका सूत्र तो उसे आता है वह मन ही मन हसने लगा था |

राघव घर पहुँच जाता है और अपनी दिनचर्या में व्यस्त हो जाता है पर थोड़ी थोड़ी देर में मुस्करा देता है

राघव अपनी पढाई खत्म करके हाल ही में घर आया था जबकि उसके दोस्त अपनी छुट्टी खत्म करके वापस शहर जा चुके थे अकेला होने के कारण वह कही खेलने नही जाता था घर पर ही कुछ लिखना पढना और बाकी समय में कुछ सोचता रहता था

जब भी वह रवीना के बारे में सोचता तो खुद से ही सवाल पुछ बेठता कि आज तक कितनी लडकियों से मिला है साथ में बैठकर मस्ती की है पर इनमे ऐसा क्या है जो बार बार मुझे उनकी याद आती है |

राघव हाथ जोडकर श्री कृष्ण जी से प्रार्थना करता कि हे कृष्ण कुछ ऐसा करो कि मुझे उस स्कूल में जॉब मिल जाये पेमेंट थोडा कम होगा तो भी चल जाएगा पर में उनको देख तो सकु |

मानो राघव की बात श्री कृष्ण जी ने सुन ली हो स्कूल के प्रधानाध्यापक ने बच्चो से फीडबैक लिया जिसमें वो पास हो गया था बच्चों ने बहुत अच्छा फीडबैक दिया था प्रधानाध्यापक ने राघव सर को स्कूल ज्वाइन करने के लिए फ़ोन किया और बात बन गयी पर पेमेंट थोडा कम ही तय हुआ था राघव अब जल्दी ही स्कूल ज्वाइन करना चाहता था उसने अपनी कुछ किताबे बेग में रखी तथा अन्य सामान पैक करके फिर से प्रवासी हो गया था |

अगले दिन स्कूल की प्रार्थना सभा में राघव सर का सभी से परिचय कराया और बताया कि ये सर आपको विज्ञान पढेगे सर शिक्षा नगरी UDAIPUR से पढाई करके आये है |

राघव स्कूल में कम करने लग गया समझाने की अपनी अलग स्टाइल से कारण वह जल्दी ही सभी बच्चों का चहेता बन गया स्कूल में खूब रेस्पेक्ट मिल रही थी राघव दिखने में खूबसूरत तो था ही उसकी ड्रेशिंग उसमें चार चाँद लगा देती थी

ये सब बाते तो अपनी जगह पर थी पर राघव तो स्कूल में अलग कारण से आया था और वह थी रवीना जी , राघव उनके दर्शन तो हमेशा कर ही लेता था कभी कभी हंसी मजाक भी कर लेता था रवीना भी मजाकिया स्वभाव वाली लड़की थी दोनों के विचार काफी मिलते जुलते थे ये बात राघव को बहुत अच्छी लगती थी |

अब राघव रवीना के बारे में ALL INFORMATION इकट्ठा करने लगा था वह भी उसी की तरह एक सामान्य किसान परिवार से सम्बन्ध रखती थी |

उसके पिताजी नर्शिंग की पढाई किये हुए थे लेकिन हॉस्पिटल का कम नही कर पाए थे वे अपनी पिता की अंतिम इच्छा अनुसार एक मशीन ओपरेट करते थे मशीन उनकी अपनी थी कोई तो उसे चलाने वाला चाहिए ही इसलिए दादा के जाने के बाद रवीना के पिता ही उसे ऑपरेट करने लगे थे उसका भाई शहर में पढाई करता है और माताजी गृहिणी है एक छोटी बहिन उसी स्कूल में पढती है |

कहते है न कि यदि आप किसी को हद से ज्यादा याद करते है तो वो या तो आपका दुश्मन है या फिर आपको उनसे मोहब्बत है राघव के साथ दुसरे वाला था उसको अब प्यार का अहसास होने लगा था वह प्रतिदिन स्कूल से वापस आकर स्कूल में बिताये खुबसूरत TIME को याद करता रहता था यदि रवीना कुछ तारीफ कर दे तब तो पार्टी का माहोल बन जाता था |

राघव अब कुछ प्रेम गीत भी गाने लगा था जिसे आज तक इनसे कोई मतलब नही था खुद भी कविताएँ लिखने का प्रयास करता था ज्यादा कुछ लिख तो नहीं पता था और जो लिखता उसमें भी व्याकरण की अशुद्धि भर कर होती थी पर जो भी हो यह प्रेमी पागलों सा श्रंगार करने लगा था |

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कुछ दिन इंतजार करने के बाद स्कूल से फ़ोन आया कि आप ज्वाइन करना चाहो तो आ सकते हो | राघव सर ने तो हर रोज श्री कृष्ण जी से यही प्रार्थना की थी कि उनको स्कूल से फ़ोन आ जाए |

राघव अगली सुबह ही स्कूल चला गया प्रधानाध्यापक ने स्कूल के नियम समझाए और SECDULE  बना कर दे दिया लेकिन क्लास में जाने से पहले कुछ स्कूल के नियम व शर्ते बताई गुड लक बोला और अपने काम में लग गयें |

राघव अपने काम के प्रति कर्तव्यनिष्ठ तथा निपूर्ण व्यक्ति था वह हमेशा अपने काम को आनुशासन के साथ करता था |

रवीना भी पढाई में होशियार के साथ साथ व्यवहारिक ज्ञान की समझ रखती थी | वह आवश्यकता पड़ने पर ही बोलती थी और उतनी ही बोलती थी जितनी आवश्यकता हो वह हमेशा क्लास की टोपर स्टूडेंट कविता के साथ बेठना पसंद करती थी |

सब कुछ ठीक चल रहा था कि एक दिन क्लास के किसी लड़के से रवीना की किसी बात को लेकर बहस हो गयी और बात बड़ी हो गयी बात ऑफिस तक जा पहुची क्लास के लड़के और लडकिया दो गुटों में बट चुके थे गलती किसकी है यह पता करके में प्रधानाध्यापक भी असमर्थ थे उन्होंने दोनों को डाटकर बात को शांत किया अगले दिन राघव ने क्लास में रवीना की कॉपी जाँच करते समय पूछा कि क्या बात हो गयी थी कल ? रवीना ने पहले तो बात को टालना चाहा पर राघव के फिर से अनुरोध करने पर पूरी बात विस्तार से समझा दी |

राघव ने पूरी बात सुनी और बोला में आपसे कुछ कहना चाहता हूँ पर अब नहीं फिर कभी बताऊंगा तब तुम्हारा मूंड एकदम सही होगा |

रवीना दिन रात यही बात सोचती रहती कि क्या बात हैं जो राघव सर उसे बताने वाले है उसने कई बार जानने का प्रयास किया लेकिन राघव ने बात टाल दी कि फिर कभी बताऊंगा |राघव इंटर वेल के टाइम पर उनकी क्लास में जाकर साइंस की नोटबुक जाँच किया करता था ऐसे ही एक दिन जब राघव नोटबुक जाँच कर रहा था रवीना अपनी एक दोस्त के साथ वहा पर आई और राघव सर से कुछ बाते करनी शुरू कर दी फिर बातो ही बातो में रवीना ने पूछ ही लिया कि क्या बात थी सर अब बता ही दो अब तो आपका भी MOOD ठीक है और मेरा भी | राघव रवीना की आँखों में देखते हुए अच्छा जी .. रवीना मुस्कराते हुए शर्मा जाती है इतने में उसके पास खड़ी प्रियंका बोलती है सर अब बता भी दो बेचारी दिन रात यही सोचती रहती है अब तो इसको नीद भी नही आती है | यह सुनकर राघव हँसते हुए प्रियंका की ओर देखते हुए बोलता है कोई बात नही कम से कम इसी बहाने ही सही मेरे को याद तो करती है इस प्रियंका और रवीना दोनों मुस्करा देती है राघव फिर बहाना बनाता है अब तो इंटर वेल का टाइम समाप्त हो गया है मेरे को ऑफिस में काम भी है तो बात पूरी नही हो पाएगी किसी दिन सुबह जल्दी आकर बताऊंगा और उठकर ऑफिस में चला गया |

राघव का अपना ही थ्योरी का एक कॉन्सेप्ट था कि कोई आपसे दूर जाने के बाद भी आप को याद करता है तो या तो वह आपसे नफरत ( इर्ष्या / HATE ) करता है या तो फिर वह आपसे बहुत ज्यादा प्यार (LOVE)
करता है | राघव का कॉन्सेप्ट उस पर तो ठीक से लागु हो रहा था
फिर एक दिन रवीना ने वह बात जानने की इच्छा व्यक्त की तो राघव ने कहा की कल सुबह जल्दी आना बता दूंगा रवीना वेसे भी सुबह आधा घंटा जल्दी स्कूल आती थी राघव भी अगले दिन जल्दी आ गया पर ऑफिस में जाकर ऐसा चिपका की प्रार्थना की घंटी बजी तभी बाहर आया फिर रवीना ने पूछा तो सॉरी यार वो में भूल गया था और आपने भी तो याद नही दिलाया और एसी कोई खास बात नही है बता दूँगा कभी बिना फालतू का दिमाग पर लोढ़ मत लिया करो इतना सा तो दिमाग है गर्म होकर फट जाएगा कभी | इतना कहकर राघव चला गया |

रवीना को यह सुनना अच्छा लगा था राघव विपदा में पड़ गया था वह जिस लड़की की चाहत में स्कूल ज्वाइन कर बेठा था वह भी उसको चाहने लगी थी पर उनका रिस्ता एक टीचर और स्टूडेंट का रह गया था अब यदि स्कूल छोड़ दे तों भी गया और न छोड़े तो और ज्यादा मुसीबत राघव ने एसा कुछ दिन तक चलने दिया

दीपावली की छुट्टिया होने वाली थी राघव दो दिन जल्दी घर जा रहा था प्रधानाध्यापक ने उसे दीपावली का ग्रहकार्य देकर जाने को बोला था राघव सभी क्लास में जाकर दीपावली का काम देकर जा रहा था जैसे ही यह बात रवीना को पता चली वह दोड़ती हुई राघव के पीछे गयी और कुछ बात करने की कोशिस की | कोई कुछ बोल न दे इसलिए अपनी दोस्त भानु को अपने साथ लेकर कॉपी जाँच कराने के बहाने ही आ गयी हालाकि राघव इंटर वेल में ही उसकी कॉपी जाँच कर चूका था रवीना की इस हालत को देख राघव सब कुछ समझ चूका था उसने रवीना की कॉपी ली और उसमे अपना हस्ताक्षर किया और वापस देदी और बताया की थोड़ी बदमासी कम किया करो स्टाफ मीटिंग में तेरा नाम आया था कि ऐसे स्टूडेंट्स को मुह नही लगाना चाहिए रवीना हंसकर बोली की उसको ( प्रधानाध्यापक को ) दिन में एक बार गर्म नही देखते है तो किसी काम में मन नही लगता है इस बात पर दोनों फिर से हँस देते है |

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